Friday, 26 November 2010

रवि किशन ने दी २६/११ के शहीदों की श्रद्धांजलि



आज मन नहीं किया शूटिंग का
भोजपुरी फिल्मो के सदाबहार सुपर स्टार रवि किशन ने दो साल पहले मुंबई पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुए पुलिस अधिकारियो व आम लोगो को भावभीनी श्रधांजलि दी है . यही नहीं वो साल पहले हुए इस मनहूस घडी को याद करते हुए उन्होंने आज शूटिंग भी नहीं की .
रवि किशन के अनुसार दो साल पहले की आतंक की साया भले ही कुछ ही दिनों में मुंबई से समाप्त हो गया हो , लेकिन टेलीविजन पर देखा गए उस वीभत्स दृश्य से आज भी मन विचलित हो जाता है. आज भी उस मनहूस घडी की साया काफी हद तक लोगो के जेह्हन में है. रवि किशन ने मुंबई पुलिस के जांबाज अधिकारी हेमंत करकरे, अशोक कामते, विजय सालसकर , तुकाराम ओवले , भारतीय सेना के जांबाज सिपाही संदीप उन्नीकृष्णन सहित आतंकी कारवाई पर काबू पाने में शहीद हुए सभी सरकारी कर्मचारी व आतंकवादियो के शिकार हुए निर्दोष नागरिको को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है . रवि किशन के मन पर उस घटना का इतना असर रहा की उन्होंने आज शूटिंग ही नहीं की .उन्होंने बताया की सुबह से ही उस घटना के बारे में अखबारों और टी वी चैनलों पर खबरे देखकर मन उदास हो गया , इसीलिए उन्होंने अपनी आज की शूटिंग रद्द करने की सलाह अपने निर्माता से की , निर्माता ने भी रवि किशन की भावना का आदर करते हुए फिल्म की शूटिंग अगले दिन के लिए टाल दी.

Thursday, 25 November 2010

26 /11 पर ‘‘आपरेशन मुंबई’’



दो वर्ष पूर्व ताजमहल होटल और ओबराय होटल (अब ट्रिडेन्ट) पर हुए हमले को आप भूले न होंगे। आज भी वह मंजर आँखों के सामने कौंधता रहता है। इस कालिमामय क्षण को रजतपट पर कई लोगों ने उतारने की कोशिश की। अब उन्हीं लम्हों को दो वर्ष बाद देख-सुन-जानकर एक नये रूप में आपके सामने ला रहे हैं लेखक-निर्देशक अजीत वर्मा।
‘‘आपरेशन मुंबई’’ नाम से आ रही यह फिल्म सिर्फ आतंकी हमले और ताज - ओबेराय की घटना को समेटी हुई है, बल्कि इसने दिग्भ्रमित हो रहे युवकों को लताड़ा भी है। कसाब व उसके गिरोह के बहाने अजीत वर्मा ने पुख्ता विरोध भी दर्ज किया है कि अभावग्रस्त होना या गरीब होना कभी अपराधी बनने का आधार नहीं होता और जो लोग ऐसा मानते हैं, वह एक बहाना लेकर अपने अंदर के पाशविक चरित्र को सांत्वना देते हैं। हिंसा कभी किसी अव्यवस्था का हल नहीं। अजीत वर्मा ने ‘‘आपरेशन मुंबई’’ में कई और सवाल उठाए हैं। क्या आतंकवाद से लड़ना सिर्फ सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी है और जो लोग शहीद हो जाते हैं उन्हें श्रद्धांजलि के आगे और क्या मिलता है? तिरुपति प्रोडक्शन एंड बिग बालीवुड पिक्चर्स (बाबू) द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म के निर्माता कुलवंत सिंह हैं। फिल्म में दो गीत भी हैं, जो पवन मिश्र द्वारा रचित और राज इंदर राज द्वारा संगीतबद्ध है।
देहरादून के अजीत वर्मा के साथ एक अजीब इत्तेफाक रहा। अभिनेता बनने की चाहत में जब वह मुंबई आए तो फिल्मिस्तान स्टूडियो में ही सेट तोड़ने की मामूली-सी नौकरी कर ली। फिर लेखक-निर्देशक बनने का अवसर मिला तो शूटिंग की शुरूआत फिल्मिस्तान से ही हुई। इसे पूरी कर पूर्णता की पार्टी और शो की बात चली तो वह भी इसी स्टूडियो के प्रांगण में हुआ। इसमें अजीत वर्मा ने ही प्रमुख आतंकवादी की भूमिका निभायी है। अन्य मुख्य सहयोगी कलाकार हैं- शाहबाज खान, एहसान खान, कमाल मल्लिक, गीतल और अमृत पाल। फिल्म अति शीघ्र पूरे देश में एक साथ प्रर्दशित होगी

Wednesday, 24 November 2010

रविकिशन ने दी नितीश कुमार को बधाई



भोजपुरी फिल्मो के सदाबहार सुपर स्टार व बिहार विधान सभा चुनाव में कांग्रेस के स्टार प्रचारक रहे अभिनेता रवि किशन ने बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार को चुनाव में भारी सफलता प्राप्त करने पर बधाई दी है . रवि किशन द्वारा जरी विज्ञप्ति में उन्होंने कहा है की मतदान में महिलाओ की भागीदारी से नितीश कुमार को फायदा हुआ.. रवि किशन के अनुसार नितीश कुमार के विकास ने मतों का ध्रुवीकरण कर दिया . उन्होंने कहा की वो व्यक्तिगत रूप से नितीश कुमार के प्रशंसक रहे हैं क्योंकि उन्होंने बिहार को एक नयी दिशा प्रदान की है. रवि किशन ने अपनी विज्ञप्ति में आगे कहा है की इस बार का चुनाव भोजपुरी फिल्म जगत के लिए भी सुखद सन्देश लेकर आया है क्योंकि फिल्म जगत के प्रसिद्द वितरक व निर्माता डॉ. सुनील एवं प्रसिद्द गीतकार विनय बिहारी ने चुनाव में जीत हासिल की है. रवि किशन ने दोनों को बधाई देते हुए भरोसा जताया है की भोजपुरी फिल्म जगत के विकास में इन दोनों अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे

बिहार विधानसभा में भोजपुरी फिल्म जगत की धमक


बिहार विधान सभा चुनाव का परिणाम इस बार भोजपुरी फिल्म जगत के लिए भी सुखद अनुभूति लेकर आया है, क्योंकि इस चुनाव में इस फिल्म जगत से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े दो लोगो ने सफलता पायी है. पिछले चुनाव में मात्र एक विधयक ही भोजपुरी फिल्म जगत से ताल्लुक रखते थे.
उल्लेखनीय है की भोजपुरी फिल्मो के जाने माने वितरक व निर्माता डॉ. सुनील कुमार ने बिहारशरीफ विधान सभा क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड की टिकट पर सफलता प्राप्त की है . डॉ. सुनील पिछले तीस सालो से फिल्म वितरण से जुड़े हैं और उन्होंने दो सुपर हिट फिल्म चाचा भतीजा और दामिनी का निर्माण किया है और तीसरी फिल्म इसी महीने शुरू होने वाली है. नितीश कुमार के करीबी माने जाने वाले डॉ. सुनील लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने में सफलता हासिल की है. दूसरी ओर चंपारण के लौरिया विधान सभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़े प्रसिद्द गीतकार विनय बिहारी ने भी सफलता हासिल की है . विनय बिहारी ने पिछले विधान सभा चुनाव में भी किस्मत आजमाई थी लेकिन उन्हें सफलता हासिल नहीं हुई थी. इन दोनों के अलावा भोजपुरी फिल्म जगत के प्रसिद्द निर्माता अभय सिन्हा व संजय सिन्हा के रिश्तेदार ने भी राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर सफलता हासिल की है. उल्लेखनीय है की बिहार विधान सभा चुनाव में रवि किशन , निरहुआ और पवन सिंह ने भी चुनाव प्रचार किया था.

Monday, 1 March 2010

विकास पुरुष नितीश कुमार ने किया भोजपुरिया किंग रविकिशन का सम्मान


मात्र चार साल पहले देश के सर्वाधिक पिछड़े राज्य बिहार को विकास दर के लिहाज से देश का नंबर वन राज्य बनाने वाले बिहार के मुख्या मंत्री नितीश कुमार ने भोजपुरी फिल्मो को नयी ऊंचाई देने वाले भोजपुरी फिल्मो के सदाबहार सुपर स्टार , हिंदी फिल्मो के जाने माने अभिनेता व हाल ही में छोटे परदे के सर्वश्रेष्ट एंकर का पुरस्कार पा चुके रवि किशन को पटना में आयोजित एक भव्य समारोह में शिखर सम्मान से सम्मानित किया। पटना के भारतीय नृत्य कला मंदिर में सन्मार्ग द्वारा आयोजित इस समारोह में चर्चित फिल्मकार प्रकाश झा , अभिनेत्री अक्षरा, वरिष्ट पत्रकार उमेश उपाध्याय , श्रीकांत प्रत्युष सहित न्यायपालिका व राजनीति के क्षेत्र के कई सम्मानित लोग उपस्थित थे। पुरस्कार पाने के बाद रविकिशन ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा की उन्हें दो दर्ज़न से अधिक पुरस्कार मिल चुके हैं लेकिन नितीश कुमार जैसे विकास पुरुष के हाथो सम्मान पाने की अनुभूति बिलकुल अलग है , ऐसा लग रहा है की इन दो पलो में मुझे दुनिया की सारी ख़ुशी मिल गयी। उन्होंने कहा की मंच पर नितीश कुमार से हुई गुफ्तगू के दौरान उन्होंने उन्हें राजगीर आने और शूटिंग करने का न्योता दिया । नितीश कुमार ने भोजपुरी को अंतर राष्ट्रीय फलक पर पहुचाने के लिए रविकिशन का आभार भी माना। उल्लेखनीय है की रविकिशन भोजपुरी फिल्म जगत के एकमात्र अभिनेता हैं जो लगातार चार साल से सर्वश्रेष्ट अभिनेता का पुरस्कार पा रहे हैं , यही नहीं भोजपुरी की सर्वाधिक फिल्मो के वावजूद वो हिंदी फिल्म जगत के बड़े बड़े बैनर की फिल्मो में काम कर रहे हैं। उनकी आगामी हिंदी फिल्मो में टी.पी.अगरवाल की ना घर के ना घाट के, मणिरत्नम की रावण , श्याम बेनेगल की वेल डन अब्बा आदि शामिल हैं।

Monday, 22 February 2010

बैडमैन अवधेश मिश्रा का नया अवतार

भोजपुरी के सबसे लोकप्रिय खलनायक अवधेश मिश्रा का नया अवतार जल्द ही नज़र आएगा जला देब दुनिया तोहरे प्यार में में । इंडो - अमेरिकन फिल्म निर्माण कंपनी पन फिल्म्स की इस पहली भोजपुरी फिल्म में अवधेश एक पागल प्रेमी की भूमिका में हैं, जो फिल्म की हिरोइन शिखा से एकतरफा प्यार करते हैं।
भोजपुरी फिल्मो के सुपर स्टार रविकिशन इस फिल्म में शिखा के प्रेमी की भूमिका में हैं। भोजपुरी फिल्म जगत में बैडमैन के नाम से मशहूर अवधेश मिश्रा बताते हैं की पहली बार किसी फिल्म में उन्होंने इस तरह की भूमिका की है। उन्होंने बताया की शिखा का प्यार पाने के लिए वो हद से गुजरने के लिए तैयार रहते हैं यहाँ तक की अगर कोई उसकी तारीफ़ भी करता है तो वो इसे बर्दास्त नहीं करते हैं। जला देब दुनिया तोहरे प्यार में को निर्देशित कर रहे हैं धीरज सिंह जिन्होंने राम गोपाल वर्मा सहित हिंदी के कई दिग्गजों के साथ काम किया है। रेड वन कैमरे से शूट हुई भोजपुरी की इस पहली फिल्म के निर्माता पवन कुमार शर्मा हैं जबकि फॉरचुन टेलर की निर्देशिका तेजस्वी कदम भी इस फिल्म को तकनिकी रूप से मजबूती प्रदान करने के लिए एसोसियेट निर्देशक की भूमिका में हैं। फिल्म के अन्य कलाकारों में ब्रिजेश त्रिपाठी, कोमल ढिल्लन, अवधेश मिश्रा, फूल सिंह, सीमा सिंह, नीलिमा सिंह, विनोद मिश्रा, शमीम खान, सी।पी.भट्ट, आदि हैं । फिल्म के संगीतकार राजेश- रजनीश, गीतकार विनय बिहारी, पटकथा व संवाद लेखक सुरेंदर मिश्र हैं।

अब आयेगा ‘‘मंगरूआ चक्कीवाला’’

भोजपुरी में कामेडी का नया तड़का लगाकर आपका मनोरंजन करने आ रहा है ‘‘मंगरूआ चक्कीवाला’’। यह चक्कीवाला सिर्फ गेहूँ-मकई पीसने से ही मतलब नही रखता है, बल्कि गेहूँ पिसवानेवालियों को भी तंग करते रहता है। पड़ोस की भौजाइयां तो परेशान रहती हैं। एकाध कुमारियों के पीछे भी अपने मंगरू राम क्रीम-पाउडर और गुलाल की जगह हाथ में आटा लेकर पीछे पड़े रहते हैं। बेचारे की धुनाई भी रूई की माफिक होती है। पर, दुम है कि सीधी होती नहीं। नाम जब मंगरूआ है, तब सुधरने का सवाल कहाँ हैं ? कहानी में एक नया मोड तब आता है, जब सेर को सवा नही डेढ़ सेर मिल जाता है और वह चक्की नही, चक्कावाला (मोटरसाइकिलवाला) मिल जाता है। अब प्रगति फिल्म्स् के बैनर तले बन रहे इस प्रेम-ग्रंथ के दो छैल-छवीले नायक हैं- सुजीत श्रीवास्तव और आलम शेख। दोनों के बीच एक लड़की काॅमन है- नवोदिता सपना। अब सपना का सपना देखनेवालें में मंगरूआ चक्कीवाला कौन है, यह तो हम नहीं बतानेवाले। कुल आठ गानों के धमाकों से भरे ‘‘मंगरूआ चक्कीवाला’’ के संगीतकार साहबदीन हैं, संगीत संयोजक राम यादव और गायक-गायिका हैं- गुलाब लाल लाहिड़ी, सोनू सरगम और अंशु। रसिया कुमार के गीतों को स्टुडियो साउण्ड स्टेशन में रिकार्ड किया गया। शेष कलाकारों के चयन का काम चल रहा है। अति शीघ्र पालघर व अन्य लोकेशनों पर फिल्माए जा रहे इस ‘‘मंगरूआ चक्कीवाले’’ के प्रोडक्शन मैनेजर प्रेम कृष्णानी हैं और निर्देशक हैं रणजीत महापात्र।